जोधपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जोधपुर टीम ने शुक्रवार, 14 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजकीय ट्रोमा सेंटर, बिलाड़ा के चिकित्साधिकारी डॉ. बुधराज बिश्नोई को 3 लाख 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देशों पर की गई और इससे चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है।
रिश्वतखोरी का मामला
एसीबी को एक परिवादी से शिकायत मिली थी कि उनके भाई और दोस्त की नियुक्ति से जुड़े किसी काम के एवज में डॉ. बुधराज बिश्नोई रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी चिकित्सक यह रिश्वत राशि कथित तौर पर सीएमएचओ जोधपुर ग्रामीण, डॉ. मोहनदान देथा के नाम पर मांग रहा था।

- आरोपी: डॉ. बुधराज बिश्नोई, चिकित्साधिकारी, राजकीय ट्रोमा सेंटर, बिलाड़ा।
- रिश्वत की राशि: 3 लाख 70 हजार रुपये।
- कारण: परिवादी के भाई और दोस्त की नियुक्ति से जुड़ा काम।
- कथित रूप से नाम लिया गया: सीएमएचओ जोधपुर ग्रामीण, डॉ. मोहनदान देथा।
🎯 एसीबी का सफल ‘ट्रैप’ ऑपरेशन
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, एसीबी ने तुरंत उसका गोपनीय सत्यापन करवाया। शिकायत सही पाए जाने पर, एसीबी ने रिश्वतखोर डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक सुनियोजित ‘ट्रैप’ ऑपरेशन तैयार किया। - यह ऑपरेशन एसीबी के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।
- ट्रैप प्लान के तहत, एसीबी की टीम ने बिलाड़ा में आरोपी चिकित्साधिकारी के ठिकाने पर दबिश दी।
- जैसे ही डॉ. बुधराज बिश्नोई ने परिवादी से 3 लाख 70 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद, आरोपी डॉ. बुधराज बिश्नोई से एसीबी की टीम पूछताछ कर रही है। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में यह कार्रवाई की जा रही है। उम्मीद है कि पूछताछ में इस भ्रष्टाचार से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।