बाड़मेर। सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास, सुरक्षा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को चौहटन के पंचायत समिति सभागार में ‘सरहद समृद्धि यात्रा’ के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य विषय ‘सीमा का संकल्प-समृद्धि का संदेश’ रहा, जिस पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।
बैठक में स्थानीय आमजन, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।

पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल ने रखे विचार
इस अवसर पर पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल ने सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों का विकास न केवल नागरिकों के लिए आवश्यक है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जसोल ने विशेष रूप से निम्नलिखित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए:
- विकास योजनाएं: सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष विकास योजनाओं को प्राथमिकता से लागू करना।
- सुरक्षा जागरूकता: नागरिकों में सीमा सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सहयोग बढ़ाना।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदूर सीमावर्ती गांवों तक पहुँचाना।
- आजीविका: स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के अवसरों का सृजन करना।