बाड़मेर – राजस्थान । राजस्थान के बाड़मेर जिले के बाखासर और आस-पास के क्षेत्र और गुजरात के बीच कनेक्टिविटी को मज़बूती देते हुए, रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाखासर से मवासरी तक बने रणनीतिक टू-लेन हाइवे का वर्चुअल उद्घाटन किया। करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह 32.49 किलोमीटर लंबा हाइवे न केवल सीमा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि करीब चार दशक बाद बाड़मेर के बाखासर को सीधे गुजरात से जोड़ता है।

निर्माण में शामिल MKC INFRASTRUCTURE: इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की तेज़ ग्रोथ वाली कंपनी
इस महत्वपूर्ण हाइवे का निर्माण कार्य गुजरात की कंपनी MKC INFRASTRUCTURE LIMITED द्वारा उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया गया है।

MKC INFRASTRUCTURE LIMITED वर्तमान में देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रही प्रमुख कंपनियों में से एक है। कंपनी देश भर में एक्सप्रेसवे, हाईवे और रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। बाखासर-मवासरी हाइवे जैसी रणनीतिक सड़क का निर्माण, कंपनी की बढ़ती क्षमता और देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उसकी भागीदारी को दर्शाता है। कंपनी के डायरेक्टर निशांत बामनिया के निर्देशन में यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय सीमा में पूरा किया गया।

1971 के बाद बह गया था पुराना रास्ता
यह सड़क करीब 4 दशक पहले 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान बाखासर को सीधे कच्छ के भराव क्षेत्र होते हुए गुजरात से जोड़ती थी। हालांकि, लूणी नदी के बहाव और कच्छ के रण में फैले खारे पानी के कारण यह सड़क धीरे-धीरे बह गई और 1990 के दशक तक रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था।
325 करोड़ की लागत से बनी 33 KM की सड़क
इस हाइवे का प्रस्ताव BRO ने वर्ष 2021 में रक्षा मंत्रालय को भेजा था, जिसे फरवरी 2022 में मंज़ूरी मिली थी।
सड़क की विशेषता: 32.49 किलोमीटर लंबा यह हाइवे 7 मीटर चौड़ा टू-लेन है। इस पर 11 बड़े और 20 छोटे पुलों (Culverts) के निर्माण पर लगभग 170 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो कच्छ के रण में जल भराव की स्थिति में भी सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम बाखासर में BRO द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें गुजरात सरकार के राज्य मंत्री स्वरूप ठाकोर, बाड़मेर भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई और BRO के अधिकारी मौजूद रहे।
सफर 150 KM से घटकर 33 KM हुआ
इस हाइवे के चालू होने से बाड़मेर ज़िले के चौहटन, सेड़वा, बिजराड़, और धनाऊ पंचायत समिति इलाके के करीब 300 से अधिक गाँवों के लिए गुजरात पहुँचना बेहद आसान हो गया है।
पहले इन गाँवों के लोगों को गुजरात जाने के लिए लगभग 150 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता था।
अब यह सफर घटकर मात्र 33 किलोमीटर रह गया है, जिससे लोगों के 2 घंटे से ज्यादा समय की बचत होगी।
BRO अधिकारियों ने बताया कि यह सड़क न केवल ग्रामीण आवाजाही को सुगम बनाएगी, बल्कि सीमा क्षेत्र में भारतीय सेना और BSF के लिए रणनीतिक मजबूती भी प्रदान करेगी।