सवाई माधोपुर, राजस्थान। सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के पीपलवाड़ा गांव में मंगलवार देर रात एक भयावह हादसा हो गया। देर रात करीब 12 बजे एक छप्पर पोश मकान में आग लगने से घर के अंदर अकेली सो रहीं दो नाबालिग बहनें जिंदा जल गईं। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
भीषणता ने पिघला दिए शरीर के अंग
मलारना डूंगर थानाधिकारी राजेश कुमार मीणा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक बच्चियों की पहचान रमेश नायक की पुत्री प्रिया (14) और पूजा (8) के रूप में हुई है। हादसा इतना भयावह था कि आग की गर्मी से दोनों बच्चियों के पैर पिघल गए, और जीभ का मांस पककर बाहर आ गया।
शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा आग का कारण
रमेश नायक, जो भगवान देवनारायण की फड़ पढ़ने का काम करते हैं, अपनी पत्नी के साथ एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गंगापुर सिटी गए हुए थे। घर पर प्रिया और पूजा अपने दादा रामजीलाल और दादी रामेश्वरी के साथ थीं, जो घर के बाहर सो रहे थे।
पुलिस के अनुसार, अचानक घर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग लगते ही दोनों बहनें चीखने-चिल्लाने लगीं। दादा-दादी नींद से जागे, लेकिन तब तक आग पूरी तरह से फैल चुकी थी। बच्चियों के दो चाचा, कमलेश और छोटिया नायक, जो 30 फीट की दूरी पर अलग मकान में रहते हैं, भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, उनके पहुंचने तक दोनों बहनें पूरी तरह जल चुकी थीं।
परिजनों ने बताया कि रमेश नायक के कुल चार बेटियां और दो बेटे हैं। हादसे में जान गंवाने वाली प्रिया तीसरे नंबर की और पूजा पांचवें नंबर की बेटी थी। इस दुखद अग्निकांड में दोनों बच्चियों के साथ-साथ घर में बंधी 15 बकरियां भी जल गईं।
सवाई माधोपुर: मकान में आग लगने से दो नाबालिग बहनें जिंदा जलीं; माता-पिता गए थे धार्मिक कार्यक्रम में