ट्रांसजेंडर वकील का रोडवेज बस में टिकट को लेकर विवाद

जयपुर के दूदू में राजस्थान रोडवेज की बस में उस समय एक अनोखा विवाद खड़ा हो गया, जब एक ट्रांसजेंडर वकील ने उन्हें दिए गए टिकट पर अपनी पहचान को लेकर सवाल उठाया। वकील का तर्क था, “मैं ट्रांसजेंडर हूं। मेरा अपना जेंडर है। अपनी पहचान है तो मैं महिला या पुरुष के नाम पर टिकट क्यों लूं?”
विवाद की वजह: टिकट में केवल दो ही विकल्प
यह मामला 10 नवंबर का है। ट्रांसजेंडर वकील रवीना जयपुर-जोधपुर रूट पर चलने वाली ब्यावर डिपो की रोडवेज बस से जोधपुर जा रही थीं।

कंडक्टर ने उन्हें फीमेल कैटेगरी का टिकट दे दिया।

रवीना ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें ट्रांसजेंडर या अन्य कैटेगरी का ही टिकट दिया जाए।

कंडक्टर ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि टिकट मशीन में केवल पुरुष और महिला (मेल और फीमेल) जेंडर का ही विकल्प है, ट्रांसजेंडर का टिकट नहीं दिया जा सकता।
जब कंडक्टर कोई जवाब नहीं दे पाया और टिकट बदलने से मना कर दिया, तो वकील भड़क गईं। विवाद इतना बढ़ गया कि आखिरकार बस को यात्रियों समेत थाने ले जाना पड़ा।
पुलिस की समझाइश और रोडवेज का नियम
थाने में पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
इस पूरे मामले पर रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि उनकी टिकट प्रणाली में ट्रांसजेंडर कैटेगरी को लेकर फिलहाल कोई नियम नहीं है।
हालांकि, भारतीय रेल में ट्रांसजेंडर्स के लिए टिकट में अलग से विकल्प उपलब्ध है।

Share ON
```

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *