जयपुर/बाड़मेर। राजस्थान सरकार ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए बाड़मेर और नवगठित बालोतरा जिले की सीमाओं का पुनर्गठन किया है। 31 दिसंबर की बैकडेट में जारी इस आदेश के बाद प्रदेश के इन दो जिलों का नक्शा पूरी तरह बदल गया है। इस बदलाव के तहत गुड़ामालानी और धोरीमन्ना जैसे बड़े क्षेत्रों को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा में शामिल किया गया है, जबकि बायतु को वापस बाड़मेर जिले का हिस्सा बनाया गया है।

बालोतरा जिले का नया स्वरूप
बालोतरा में अब उपखंडों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। बायतु के बाड़मेर में जाने के बावजूद गुड़ामालानी और धोरीमन्ना के जुड़ने से जिले का दायरा बढ़ा है।
• 5 उपखंड: बालोतरा, सिणधरी, सिवाना, धोरीमन्ना और गुड़ामालानी।
• 9 तहसील: पचपदरा, कल्याणपुर, गिड़ा, पाटोदी, सिणधरी, सिवाना, समदड़ी, धोरीमन्ना और गुड़ामालानी।
• 5 उप-तहसील: जसोल, दूदवा, सवाऊ पदमसिंह की ढाणी, हीरा की ढाणी और पादरू।
बाड़मेर जिले का नया स्वरूप
बाड़मेर जिले में बायतु की वापसी हुई है, जिससे यहाँ उपखंडों की संख्या 7 हो गई है।
• 7 उपखंड: बाड़मेर, गडरारोड, चौहटन, रामसर, बायतु, सेड़वा और शिव।
• 11 तहसील: बाड़मेर, बाड़मेर ग्रामीण, बाटाडू, नोखड़ा, गडरारोड, चौहटन, धनाऊ, रामसर, बायतु, सेड़वा और शिव।
• 7 उप-तहसील: विशाला, चवा, मांगता, हरसाणी, लीलसर, फागलिया और भीयाड़।
आम जनता की बढ़ी मुश्किलें: 60 की जगह 125 KM का सफर
सरकार के इस फैसले से धोरीमन्ना क्षेत्र के निवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
• दूरी का गणित: पहले धोरीमन्ना से बाड़मेर जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 60 किलोमीटर थी।
• नई स्थिति: बालोतरा जिले में शामिल होने के बाद अब ग्रामीणों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए लगभग 125 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।
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