जैसलमेर (राजस्थान): भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जैसलमेर जिले के रामगढ़ नहरी क्षेत्र में गुरुवार दोपहर को संदिग्ध ड्रोन मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब एक स्थानीय किसान ने अपने खेत में, जिसे स्थानीय भाषा में ‘मुरब्बा’ कहा जाता है, इस अत्याधुनिक मानवरहित हवाई वाहन को गिरा हुआ देखा। सीमा पार से इसकी आवाजाही की प्रबल आशंका के चलते, रामगढ़ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उच्च सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया, जिसके बाद पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
उन्नत UAV की बरामदगी
जानकारी के अनुसार, ड्रोन दोपहर करीब 2 बजे नहरी क्षेत्र के खेत में मिला। किसान द्वारा दी गई सूचना के आधार पर रामगढ़ पुलिस थाना की टीम ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में ड्रोन की बनावट को देखते हुए अधिकारियों ने इसे सामान्य नहीं, बल्कि एक उन्नत UAV बताया है। इसकी टेक्नोलॉजी और डिजाइन जासूसी या अन्य संवेदनशील उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रोन की ओर इशारा करती है।
पाकिस्तान से आने की आशंका और जांच
जैसलमेर अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित होने के कारण, इस ड्रोन के पाकिस्तान की सीमा की ओर से आने की गहरी आशंका जताई जा रही है।
ड्रोन किस दिशा से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया।
इसके उड़ने का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
क्या यह तकनीकी खराबी के कारण गिरा, या किसी अन्य कारण से इसे जानबूझकर गिराया गया।
सुरक्षा एजेंसियां अब ड्रोन से जुड़े डेटा, जैसे कि फ्लाइट लॉग, कैमरा फुटेज और किसी भी अन्य उपकरण की गहनता से जांच करेंगी ताकि इसके ऑपरेटर और मिशन की जानकारी मिल सके।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
ड्रोन मिलने की सूचना मिलते ही सीमा सुरक्षा बल सहित अन्य खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सीमा पार से मादक पदार्थों, हथियारों या खुफिया जानकारी की तस्करी के लिए ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या ड्रोन किसी संवेदनशील जानकारी को इकट्ठा करने या किसी संदिग्ध वस्तु को गिराने के उद्देश्य से भेजा गया था।
ड्रोन को अब आगे की विस्तृत फोरेंसिक जांच के लिए विशेषज्ञ प्रयोगशाला में भेजे जाने की संभावना है।