बाड़मेर। बाड़मेर कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा के नेतृत्व में सोमवार को पहली औपचारिक बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित हुई, लेकिन इसमें दो कद्दावर पूर्व विधायकों – अमीन खान और मेवाराम जैन – की अनुपस्थिति पार्टी के भीतर की गुटबाजी को लेकर चर्चा का केंद्र बनी रही।
गोदारा ने जताया भरोसा, मिली कार्यकर्ताओं की एकजुटता
बैठक की शुरुआत नवनियुक्त जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा के भव्य स्वागत से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। गोदारा ने अपनी स्पीच में कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है, वह उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे और ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत करेंगे।
दूरी बनाने वाले नेताओं को मनाने की जिम्मेदारी मेरी: गोदारा
कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने वाले वरिष्ठ नेताओं के बारे में पूछे जाने पर जिलाध्यक्ष गोदारा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा की किसी का नाम लिए बिना पूर्व विधायक मेवाराम जैन का जिक्र किया और कहा:
“जो आचरण और विचारों में कांग्रेसी हैं, उन्हें साथ लेकर चलना और मनाना मेरी जिम्मेदारी है।”
गोदारा के इस बयान को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति एक सुलह का प्रयास माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह उन सभी नेताओं को एकजुट करने की दिशा में काम करेंगे, जिनका मूल विचार और निष्ठा कांग्रेस के प्रति है।
पूर्व अध्यक्ष ने भी दिया समर्थन
इस दौरान, पूर्व जिलाध्यक्ष फतह खान ने भी मंच से बोलते हुए वरिष्ठ नेता अमीन खान को साथ लेकर काम करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। गोदारा ने फतह खान के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी की मजबूती के लिए सभी वरिष्ठ नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारी का एहसास दिलाना और उन्हें एक मंच पर लाना उनकी प्राथमिकता है।