बाड़मेर: दो सगी बहनों से शोषण के मामले में ऐतिहासिक फैसला, दोषियों को ‘मरते दम तक’ जेल

बाड़मेर (राजस्थान): बालोतरा की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दो सगी बहनों के साथ देह शोषण के मामले में एक मिसाल कायम की है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बाड़मेर जिले के न्यायिक इतिहास में यह पहला मामला है जब किसी अपराधी को “जिंदा रहने तक” जेल में रहने की सजा दी गई है।
मुख्य बिंदु: सजा और जुर्माना
विशिष्ट न्यायाधीश राजेंद्र बंशीवाल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी नरेश उर्फ नरेंद्र कुमार और तनवीर को दोषी करार दिया। कोर्ट ने निम्नलिखित दंड निर्धारित किए:

  • जेल की सजा: दोनों दोषियों को आजीवन कारावास (मरते दम तक जेल)।
  • आर्थिक दंड: प्रत्येक आरोपी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना। जुर्माना न भरने पर 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास।
  • पीड़ितों को मुआवजा: दोनों पीड़िताओं को 5-5 लाख रुपये (कुल 10 लाख) बतौर क्षतिपूर्ति देने के आदेश।
  • वितरण: 2 लाख रुपये 2 वर्ष के लिए FD में और 3 लाख रुपये बचत खाते में जमा किए जाएंगे।
    क्या था मामला? (घटनाक्रम)
    यह मामला करीब साढ़े पांच साल पहले का है, जिसकी शुरुआत 2019 से हुई थी:
  • लगातार पीछा और उत्पीड़न: आरोपी तनवीर और नरेश 2019 से स्कूल जाते समय 17 और 15 वर्षीय दो बहनों का पीछा करते थे। वे अश्लील कमेंट और इशारे कर उन्हें परेशान करते थे।
  • स्कूल छोड़ने को मजबूर: आरोपियों के डर से परिजनों ने बेटियों की स्कूल छुड़वा दी और उन्हें घर पर ही रहने को कहा, लेकिन आरोपियों ने पीछा नहीं छोड़ा।
  • देह शोषण: आरोपी नरेश ने एक नाबालिग को मोबाइल देकर अपने झांसे में लिया और करीब एक साल तक उसका शोषण किया।
  • खुलासा और FIR: 1 जून 2020 को जब एक पीड़िता ने अपनी मां को आपबीती बताई, तब मामले का खुलासा हुआ। 2 जून 2020 को महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
    कानूनी प्रक्रिया और पैरवी
    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मेडिकल करवाया और FSL सैंपल भेजकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से:
  • विशिष्ट लोक अभियोजक: रमेश कच्छवाहा
  • वरिष्ठ अधिवक्ता: करनाराम चौधरी
    इन्होंने मजबूती से पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप साढ़े पांच साल बाद न्याय मिल सका।

अधिवक्ता करनाराम चौधरी का बयान: > “यह बाड़मेर का पहला ऐसा मामला है जिसमें पॉक्सो एक्ट के तहत ‘मरने तक जेल’ की सजा सुनाई गई है। यह फैसला भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।”

Share ON
```

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *