बाड़मेर। राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर में पुलिस और DST (जिला स्पेशल टीम) ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है जिसने नशे के सौदागरों के बीच हड़कंप मचा दिया है। आदर्श केरली गांव के रेतीले धोरों के बीच एक सुनसान मकान में चल रही हाइब्रिड ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। यहाँ लकड़ी के कारखाने की आड़ में मौत का सामान (MD Drugs) तैयार किया जा रहा था।
जब्ती: मौके से करीब 10 से 15 किलो तैयार एमडी ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 15 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है।
इनामी तस्कर फरार: 20 साल से नशे के काले कारोबार में लिप्त शातिर तस्कर मोटाराम पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले चकमा देकर फरार हो गया। उस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित है।
तकनीकी सेटअप: फैक्ट्री में माइनस 20 डिग्री तापमान बनाए रखने वाला फ्रिज, कलर मिक्सिंग मशीन और भारी मात्रा में केमिकल बरामद हुआ है।
रेत के धोरों का ‘सेफ हाउस’
तस्करों ने फैक्ट्री के लिए ऐसी जगह चुनी थी जहाँ परिंदा भी पर मारे तो दूर से दिख जाए।
लोकेशन: बाड़मेर-सिणधरी हाईवे से 12 किलोमीटर दूर रेतीले रास्तों के बीच एक सुनसान ढाणी।
निगरानी: रेत के ऊंचे धोरों के कारण पुलिस या किसी भी अनजान वाहन की आवाजाही को तस्कर दूर से ही देख लेते थे। इसी का फायदा उठाकर मोटाराम भागने में सफल रहा।
कवर स्टोरी: बाहर से देखने पर यह एक साधारण लकड़ी का कारखाना लगता था, ताकि किसी को शक न हो।
15 दिन में करोड़ों का खेल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह फैक्ट्री मात्र 10 से 15 दिन पहले ही शुरू की गई थी। शातिर तस्कर एक खेप की सप्लाई पहले ही कर चुके थे, जबकि दूसरी खेप कमरे की छत पर छिपाकर रखी गई थी जिसे पुलिस ने ढूंढ निकाला।
NCB की एंट्री और वांटेड मोटाराम
मामले की गंभीरता को देखते हुए नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम भी रात में ही मौके पर पहुँच गई। मुख्य आरोपी मोटाराम के खिलाफ डोडा-पोस्त, अफीम और शराब तस्करी के दर्जनों मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने फिलहाल मकान मालिक भैराराम कड़वासरा को डिटेन (हिरासत में) लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
बाड़मेर पुलिस के लिए चुनौती: पिछले 18 महीनों में जिले में यह तीसरी एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ी गई है, जो इशारा करती है कि सरहदी इलाका अब ड्रग्स के ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ में बदल रहा है।
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