जालोर, राजस्थान: जालोर ज़िले के भीनमाल एडीजे कोर्ट ने पारिवारिक रंजिश और शादी न होने के चलते अपनी भाभी और एक पड़ोसी की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को फांसी की सज़ा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर ₹10 लाख का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है। मामले में फैसला घटना के 2 साल और 8 महीने बाद बुधवार को सुनाया गया।
सज़ा पाए दोषी: डूंगर सिंह (45) और पहाड़ सिंह (46)।
सज़ा सुनाने वाला कोर्ट: भीनमाल एडीजे कोर्ट, जालोर।
न्यायाधीश: एडीजे राजेंद्र साहू।
अर्थदंड: दोनों पर कुल ₹10 लाख का जुर्माना।
वारदात की तारीख: 3 अप्रैल 2023।
वारदात का स्थान: मोदरान गांव, रामसीन थाना क्षेत्र।
घटनाक्रम: कुल्हाड़ी से हमला
अपर लोक अभियोजक भरत आर्य ने बताया कि रामसीन थाना क्षेत्र के मोदरान गांव में 3 अप्रैल 2023 को दोनों भाइयों डूंगर सिंह और पहाड़ सिंह ने अपने बड़े भाई रतन सिंह (48), उनकी पत्नी इंदिरा कंवर (45) और बेटी रिंकू कंवर (20) पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया था।
इस हमले में इंदिरा कंवर और उन्हें बचाने आए पड़ोसी हरिसिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, बड़े भाई रतन सिंह और उनकी बेटी रिंकू घायल हो गए थे।
विवाद का कारण: शादी और ‘आटा-साटा’ विवाह
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों दोषी भाई बेरोजगार थे और उनकी शादी नहीं हुई थी, जबकि उनकी उम्र काफी हो चुकी थी। वे अपनी शादी कराने के लिए लगातार बड़े भाई रतन सिंह पर दबाव बना रहे थे।
विवाद का एक अन्य कारण यह भी था कि बड़े भाई रतन सिंह ने अपनी बेटी रिंकू कंवर का ‘आटा-साटा’ में विवाह करने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण दोनों भाइयों ने गुस्से में आकर बड़े भाई के परिवार पर हमला कर दिया।
पुलिस पर भी हमला और त्वरित कार्रवाई
हमले के बाद जब घटना स्थल पर एएसआई सुरेंद्र सिंह पहुंचे, तो दोनों दोषियों ने उनसे भी झगड़ा किया, जिसमें एएसआई घायल हो गए थे। पुलिस ने बाद में दोनों भाइयों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद, तत्कालीन और वर्तमान थानाधिकारी अरविंद सिंह ने सिर्फ 56 दिन में जांच पूरी कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। इस मामले में कुल 30 गवाह पेश किए गए। परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता पृथ्वी सिंह बागोड़ा ने पैरवी की।