बाड़मेर: राजस्थान कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद, बाड़मेर के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने पार्टी में एकजुटता स्थापित करने की दिशा में पहला कदम बढ़ाते हुए, आज वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमीन खान से उनके निवास पर मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात को जिलाध्यक्ष द्वारा नाराज नेताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

गोदारा का ‘आशीर्वाद’ मिशन
जिलाध्यक्ष की कमान संभालने के बाद लक्ष्मण सिंह गोदारा ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि वह पार्टी में किसी भी तरह के बिखराव को रोकने के लिए उन सभी वरिष्ठ और नाराज नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे, जो नए संगठनात्मक ढांचे से असंतुष्ट हैं। इसी कड़ी में उनकी अमीन खान से मुलाकात हुई, जिनकी नाराजगी की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में जोर-शोर से चल रही थीं।
गोदारा और खान के बीच हुई इस मुलाकात को कांग्रेस पार्टी में आंतरिक कलह को खत्म करने और आगामी चुनौतियों के लिए समस्त धड़ों को एक मंच पर लाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
गुटबाजी और पदभार की पृष्ठभूमि
यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि नए जिलाध्यक्ष, लक्ष्मण सिंह गोदारा, पूर्व मंत्री हरीश चौधरी के करीबी और उनके खेमे से आते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह माना जाता है कि गोदारा को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने में हरीश चौधरी की मजबूत पैरवी का अहम योगदान रहा है।
हालांकि, गोदारा की नियुक्ति के बाद से ही कांग्रेस के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई थी। पूर्व विधायक मेवाराम जैन और पूर्व मंत्री अमीन खान के खेमे से इस नई नियुक्ति को लेकर गहरी नाराजगी की खबरें सामने आई थीं। नेताओं के इस असंतोष ने पार्टी की जिला इकाई में दरार पैदा कर दी थी।
नव नियुक्त जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा की अमीन खान से मुलाकात कांग्रेस के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यदि गोदारा अपनी पहल को जारी रखते हुए अन्य नाराज नेताओं को भी सफलतापूर्वक साध पाते हैं, तो बाड़मेर कांग्रेस एकजुट होकर संगठनात्मक मजबूती की ओर कदम बढ़ा सकती है।