एक्सक्लूसिव बातचीत: डॉ. पराग प्रजापति – ‘ओवरथिंकिंग’ से बीमारियों का खतरा, जानिए कंट्रोल करने के आसान तरीके

अहमदाबाद: अहमदाबाद के जाने-माने डॉ. पराग प्रजापति लोगों की सेहत को लेकर हमेशा गंभीर नज़र आते हैं। उनके उपचार और स्वास्थ्य को फिट रखने के सुझावों को मरीज़ भी गहराई से मानते हैं। हाल ही में डॉ. पराग प्रजापति से हुई एक एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने आमजन के लिए सबसे बड़ी मानसिक स्वास्थ्य चुनौती, ओवरथिंकिंग पर बहुत ही सरल और प्रभावी तरीके से अपनी बात रखी।
डॉ. प्रजापति ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक सोचना या ‘ओवरथिंकिंग’ सिर्फ एक आदत नहीं है, बल्कि यह बीमारियों के खतरे को बढ़ाती है।

डॉ. पराग प्रजापति के अनुसार: “बहुत ज़्यादा सोचना किसी भी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन नहीं है, बल्कि इससे प्रॉब्लम और बढ़ जाती है। किसी भी विषय पर बहुत ज़्यादा सोचने की मुख्य वजह कोई छिपा हुआ डर होता है। इस डर को दूर करना सबसे ज़रूरी है।”

ओवरथिंकिंग के मुख्य कारण
डॉ. प्रजापति ने उन प्रमुख कारणों को उजागर किया जो लोगों को ओवरथिंकिंग की ओर धकेलते हैं:
स्ट्रेस और एंग्जायटी (तनाव और चिंता) की अधिकता।
गलत फैसला लेने के डर की वजह से बार-बार सोचना।
इनसिक्योरिटी की भावना।
पास्ट में हुए किसी दर्दनाक एक्सपीरियंस का प्रभाव।
सोशल मीडिया पर ट्रोल होने या जज किए जाने का डर।
मेंटल हेल्थ पर ओवरथिंकिंग का गंभीर असर
ओवरथिंकिंग व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है:
लगातार थकान महसूस होना।
नींद न आने की समस्या ।
पैनिक और एंग्जायटी अटैक्स।
सेल्फ-डाउट की भावनाएँ आना।
अत्यधिक इरिटेशन (चिड़चिड़ापन)।
किसी भी काम में कॉन्सेंट्रेट करने में दिक्कत होना।

ओवरथिंकिंग को कंट्रोल करने के असरदार तरीके
डॉ. प्रजापति ने आमजन को स्वस्थ और तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए ओवरथिंकिंग को नियंत्रित करने के सरल और प्रभावी सुझाव दिए:
सफलता का जश्न मनाएं: छोटी-छोटी सफलताओं पर खुद को बधाई दें।
डायरी में लिखें: नेगेटिव विचारों को पहचानें और उन्हें अपनी डायरी में लिखकर दिमाग से बाहर निकालें।
रोज़ाना वॉक और वर्कआउट: रोज़ाना वर्कआउट करें और कम से कम आधे घंटे वॉक करें।
प्रेरक श्रवण: मोटिवेशनल पॉडकास्ट सुनें।
सक्रिय रहें: अकेले और बेकार न रहें, खुद को व्यस्त रखें।
ध्यान (Meditation): रेगुलर मेडिटेशन करें।
मनोरंजन: अपने खाली समय में किताबें पढ़ें और म्यूज़िक सुनें।
समाधान पर फोकस: प्रॉब्लम को बड़ी बात समझने के बजाय सॉल्यूशन पर फोकस करें।
सामाजिक जुड़ाव: परिवार और दोस्तों के साथ ज़्यादा समय बिताएं।

डॉ. प्रजापति ने ज़ोर दिया कि इन आसान उपायों को अपनाकर कोई भी व्यक्ति ओवरथिंकिंग की आदत पर काबू पा सकता है और एक स्वस्थ, संतुलित जीवन जी सकता है।

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