जालोर, राजस्थान। भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर बुधवार की अलसुबह एक भीषण सड़क हादसे में एक तेज रफ्तार ब्रेजा कार के ड्राइवर की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा जालोर जिले के बागोड़ा थाना इलाके में गांवड़ी गांव के पास करीब सुबह 4:30 से 5 बजे के बीच हुआ। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेकाबू कार हाईवे के किनारे लगी लोहे की रेलिंग से इतनी जोर से टकराई कि रेलिंग कार के इंजन को चीरती हुई सीधे ड्राइवर की सीट तक जा पहुंची और उसके पैर व पेट में घुस गई।
हादसे में कार चला रहे जिगर पटेल 31 वर्ष, जो गुजरात के जामनगर के निवासी थे, गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रेफर किया गया। जिगर पटेल ने हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
रामदेवरा दर्शन के लिए निकले थे दोस्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार में ड्राइवर जिगर पटेल समेत कुल छह दोस्त सवार थे। ये सभी दोस्त गुजरात के जामनगर से राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रामदेवरा दर्शन के लिए निकले थे।
बागोड़ा थाना के एएसआई नरसाराम ने बताया कि भारतमाला एक्सप्रेस-वे की एक लेन किसी कारण से बंद थी, और कार दूसरी लाइन पर चढ़ रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण, कार अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर के रूप में लगी लोहे की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोहे की रेलिंग ने कार के अगले हिस्से और इंजन को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया और आगे बढ़कर ड्राइवर जिगर पटेल को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
अन्य पांच लोग पूरी तरह सुरक्षित
हादसे का मंजर देखकर साथी भी सकते में आ गए। उन्होंने तत्काल एम्बुलेंस को सूचित किया और बुरी तरह से फंसे जिगर पटेल को बाहर निकाला। उन्हें पहले बागोड़ा सीएचसी पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद भीनमाल रेफर कर दिया गया। लेकिन जिगर जिंदगी की जंग हार गए और भीनमाल ले जाते समय उनकी सांसें थम गईं।
इस भयानक हादसे का एक आश्चर्यजनक पहलू यह रहा कि कार में सवार ड्राइवर के अन्य पांचों दोस्त पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्हें किसी भी तरह की खरोंच नहीं आई है।
पुलिस ने जिगर पटेल के शव को भीनमाल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और उनके जामनगर से पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन यह घटना एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती है।