बाड़मेर। शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा प्रत्याशी रहे स्वरूप सिंह खारा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में खारा द्वारा भाजपा का दुपट्टा बबूल की झाड़ियों में फेंकने वाले बयान पर पलटवार करते हुए भाटी ने तंज कसा कि कुछ लोगों को उनके नाम से टीआरपी मिल रही है, तो उन्हें लेने दें।
‘मेरे नाम से टीआरपी मिल रही है तो लूट लो’
बाड़मेर शहर में पुष्करणा समाज की खेलकूद प्रतियोगिता में शिरकत करने पहुंचे विधायक भाटी ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा, “कई लोगों को मेरे नाम पर टीआरपी मिल रही है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि जितनी टीआरपी लूट सकते हो, लूट लो। लेकिन साथ ही यह भी कहना चाहूंगा कि उन्हें अभी और मेहनत करने की जरूरत है।”
स्वरूप सिंह खारा द्वारा भाटी के परिवार पर किए गए कटाक्ष का जवाब देते हुए विधायक ने अपने पारिवारिक पृष्ठभूमि को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:
दादाजी: आबकारी विभाग में कार्यरत थे।
पिता: सरकारी शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
चाचा: उन्होंने सरपंच का चुनाव लड़ा था।
भाटी ने तंज कसते हुए आगे कहा, “मेरी जानकारी में तो ऐसा कोई संविधान संशोधन नहीं आया है जिसमें सरपंच का चुनाव पार्टी के सिंबल पर लड़ा जाता हो। मैंने आज तक ऐसा नहीं सुना।” दरअसल, खारा ने भाटी परिवार के पुराने राजनीतिक जुड़ाव को लेकर सवाल उठाए थे, जिस पर भाटी ने उन्हें तथ्यों के साथ जवाब दिया।
खेल भावना पर दिया जोर
विवादों से इतर, भाटी ने पुष्करणा समाज के खेल आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए जरूरी हैं, बल्कि यह समाज को एकजुट करने का एक सशक्त माध्यम भी हैं।