राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भू-अभिलेख निरीक्षक कमलेश खटीक को 7 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी की पूछताछ और जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो सरकारी सेवा में रहते हुए आरआई द्वारा अर्जित की गई आय से अधिक संपत्ति की ओर इशारा करते हैं।
पैमाइश और नक्शा शुद्धिकरण के लिए मांगी थी रिश्वत
एसीबी के महानिदेशक ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुंवारिया तहसील के भाणा गांव में कार्यरत भू-अभिलेख निरीक्षक कमलेश खटीक, भू-प्रबंधन विभाग द्वारा चलाए जा रहे पैमाइश कार्य में उसकी जमीन का मौके के हिसाब से पैमाइश करने और नक्शा शुद्धिकरण करने की एवज में 10 लाख की रिश्वत की मांग कर रहे थे। सत्यापन के बाद, एसीबी ने कार्रवाई की योजना बनाई और 7 लाख की रिश्वत लेते हुए कमलेश खटीक को ट्रैप कर गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आईं RI की इतनी संपत्तियां
गिरफ्तारी के बाद कमलेश खटीक से पूछताछ और उनके ठिकानों पर तलाशी के दौरान सामने आए खुलासों ने एसीबी अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। ये संपत्तियां सरकारी कर्मचारी की आय से कई गुना अधिक हैं और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती हैं।
दो पेट्रोल पंप: कमलेश खटीक के पास दो पेट्रोल पंप होने का पता चला है। इनमें से एक पुठोल गांव के पास चालू है, जबकि दूसरा पेट्रोल पंप पड़ासली गांव के पास निर्माणाधीन है।
क्रेशर प्लांट: आरआई ने अपनी पत्नी के नाम पर बड़ारड़ा गांव के पास एक क्रेशर प्लांट भी स्थापित कर रखा है।
बैंक लॉकर: इसके अलावा, एक्सिस बैंक में एक लॉकर होने की जानकारी भी एसीबी को मिली है। इस लॉकर को सोमवार को खोला जाएगा, जिससे और महत्वपूर्ण दस्तावेज या नगदी, गहने मिलने की उम्मीद है।
एसीबी के अनुसार, आरोपी कमलेश खटीक अक्टूबर 1999 से राजकीय सेवा में है और 1 दिसंबर 2022 से भाणा गांव में आरआई के पद पर कार्यरत है। एसीबी अब आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर कमलेश खटीक की संपत्तियों की विस्तृत जांच करेगी।