जयपुर/जोधपुर। सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हाई-टेक नकल और पेपर लीक रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने स्पाई कैमरे और ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी पाने वाले चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में खुलासा हुआ है कि चीटिंग के लिए इस्तेमाल किए गए अति-आधुनिक स्पाई कैमरे स्पेन से मंगाए गए थे।
स्पेन से मंगाए स्पाई कैमरे, 5 लाख तक में डील
SOG की पूछताछ में पता चला है कि पेपर लीक सरगना ने नकल कराने के लिए विदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया।
विदेशी उपकरण: सरगना ने चीटिंग के लिए विशेष रूप से स्पेन से स्पाई कैमरे मंगवाए थे।
परीक्षा में बदमाश: गिरोह के दो बदमाश खुद अभ्यर्थी बनकर परीक्षा में बैठे थे और उन्हें ये स्पाई कैमरे दिए गए थे।
पेपर लीक की प्रक्रिया: इन बदमाशों ने परीक्षा हॉल के अंदर से पेपर का स्क्रीनशॉट लिया और तुरंत सरगना को बाहर भेजा।
उत्तर पहुंचाना: इसके बाद, सरगना ने विशेषज्ञ (Expert) से प्रश्न पत्र हल करवाया और हल किए गए उत्तरों को ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से सभी अभ्यर्थियों को बताया था।
चारों आरोपियों ने कनिष्ठ लिपिक परीक्षा में चीटिंग के लिए सरगना से 3 से 5 लाख रुपए में सौदा किया था।
2022 की प्रतियोगी परीक्षा में हुई थी धांधली
SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि यह मामला साल 2022 में हुई प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ा है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर की ओर से कनिष्ठ न्यायिक सहायक लिपिक ग्रेड-सेकेंड और सहायक लिपिक ग्रेड-सेकेंड की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा आयोजित हुई थी।
इसके अलावा, साल 2022 में आयोजित हुए ईओ-आरओ एग्जाम में भी अनुचित साधनों का उपयोग करने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर SOG ने व्यापक जांच शुरू की थी।
10 दिसंबर तक रिमांड पर आरोपी
SOG ने रविवार को गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया और कोर्ट ने उन्हें 10 दिसंबर तक रिमांड पर भेज दिया है। फिलहाल SOG की टीम चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन वाले हाई-टेक नकल रैकेट के सरगना और अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।