जालोर, राजस्थान: जालोर की पॉक्सो कोर्ट ने एक सनसनीखेज मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी दामाद को अपनी नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में 21 साल के कठोर कारावास की सजा दी है। रामसीन थाना क्षेत्र निवासी इस आरोपी ने अपने ससुर और पत्नी को ‘सबक सिखाने’ के लिए बदले की भावना से इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था।
बदले की साजिश की कहानी
पुलिस पूछताछ और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, आरोपी दामाद की शादी करीब 3-4 वर्ष पूर्व पीड़िता की बड़ी बहन से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच मनमुटाव शुरू हो गया, जिसके चलते उसकी पत्नी अपने पीहर वापस आ गई।
ससुराल में रुका, नाबालिग से दोस्ती की
पत्नी को वापस लाने के लिए ससुर ने आरोपी दामाद को अपने गांव बुलाया। आरोपी करीब एक महीने तक ससुराल में रहा और वहीं मजदूरी भी करता रहा। इसी दौरान, आरोपी दामाद ने अपनी नाबालिग साली से दोस्ती कर ली।
विवाद और बदले की भावना
करीब एक महीने बाद, जब आरोपी ने अपनी पत्नी को साथ घर चलने के लिए कहा, तो ससुर ने पत्नी को कुछ समय बाद भेजने की बात कही। इसके बाद आरोपी दामाद ने अपनी मजदूरी के पैसे मांगे। इस पर ससुर ने कहा कि वह बाद में आने पर ही पैसे देगा। ससुर के इस जवाब से आरोपी दामाद अत्यंत नाराज हो गया और इसी नाराज़गी और पत्नी के मनमुटाव का बदला लेने की साजिश रच डाली।
वारदात और एक महीने तक बंधक
बदले की भावना से उसने 8 महीने पहले अपनी नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर ले गया। उसे करीब एक महीने तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया।
मामले का खुलासा और पुलिस कार्रवाई
- लापता होने की रिपोर्ट: पीड़िता के पिता ने 15 अप्रैल को सायला थाना क्षेत्र में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी 9 अप्रैल की दोपहर को अपने तीन भाइयों के साथ गांव गई थी, लेकिन फिर लापता हो गई।
- जांच और बरामदगी: पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और गहन खोजबीन के बाद नाबालिग पीड़िता को 4 अगस्त, 2025 को बरामद किया। उसे सुरक्षित रूप से बाल कल्याण समिति को सौंपने के बाद, पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी दामाद को भी गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय का सख्त फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान, जालोर पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी द्वारा बदला लेने के लिए एक नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के जघन्य कृत्य को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने आरोपी दामाद को दोषी मानते हुए 21 साल के कठोर कारावास की सख्त सजा सुनाई है।