बाड़मेर, राजस्थान। कांग्रेस पार्टी ने लम्बे समय से चल रहे मंथन के बाद आखिरकार बाड़मेर सहित प्रदेश के अन्य जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। प्रदेश कांग्रेस सचिव लक्ष्मण सिंह गोदारा को बाड़मेर का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी ने इस बार जातीय समीकरणों को साधते हुए लम्बे समय से अल्पसंख्यक वर्ग के पास रही बाड़मेर जिला कांग्रेस की कमान ओबीसी वर्ग को सौंपी है।
जातीय समीकरण साधने की कोशिश
कांग्रेस ने बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर तीनों जिलों में विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का दांव खेला है।
बाड़मेर: ओबीसी वर्ग से लक्ष्मणसिंह गोदारा
बालोतरा: एससी वर्ग से जिलाध्यक्ष प्रियंका मेघवाल
जैसलमेर: अल्पसंख्यक वर्ग से अमरदीन
बाड़मेर में गुटबाजी के बावजूद गोदारा की ताजपोशी
बाड़मेर में जिला अध्यक्ष की नियुक्ति कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी के बीच हुई है। लक्ष्मणसिंह गोदारा को बायतु विधायक और प्रभावशाली नेता हरीश चौधरी का करीबी माना जाता है।
विरोध के बावजूद नियुक्ति: पूर्व विधायक मेवाराम जैन और अमीन खान कथित तौर पर गोदारा को जिलाध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। इन नेताओं के विरोध के बावजूद उनकी नियुक्ति हो जाने से जिले में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।
बाड़मेर जिला कांग्रेस इन दिनों दो प्रमुख धड़ों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गुट है, तो दूसरी तरफ सचिन पायलट का गुट सक्रिय है। इन दोनों के अलावा, विधायक हरीश चौधरी का भी अपना मजबूत प्रभाव है, और गोदारा की नियुक्ति को चौधरी गुट की जीत के रूप में देखा जा रहा है।