जालोर। संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को सांचौर में किसानों की विभिन्न समस्याओं और केंद्र व राज्य सरकार से लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। सांचौर के किसानों ने सरकार के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
केंद्र सरकार के वादे पूरे न होने पर जताई नाराजगी
मोर्चा के जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान किसानों से कई महत्वपूर्ण वादे किए थे।
उन्होंने बताया कि इन वादों में शामिल थे:
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देना।
- स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को पूरी तरह लागू करना।
- आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेना।
- किसानों को ₹10,000 मासिक पेंशन देना।
बिश्नोई ने चेतावनी दी, “केंद्र सरकार ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई थी, लेकिन ये वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। यदि सरकार ने जल्द ही अपने वादे पूरे नहीं किए, तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन को और भी तेज और व्यापक करेगा।
राजस्थान सरकार से जुड़ी प्रमुख मांगें
मोर्चा के जिला मंत्री मकाराम चौधरी ने बताया कि स्थानीय समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को भी एक अलग ज्ञापन सौंपा गया है।
| 1. | धान की समर्थन मूल्य पर खरीद तुरंत शुरू की जाए।
| 2. | नर्मदा नहर की सभी वितरिकाओं में अंतिम छोर तक पानी पहुँचाया जाए।
| 3. | नहरों की सफाई और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
| 4. | चितलवाना तहसील के 33 गांवों में आदान-अनुदान पोर्टल खोलकर राहत राशि जारी की जाए।
| 5. | सांचौर तहसील के किसानों का 28 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान तुरंत जारी किया जाए।
| 6. | नकली खाद-बीज बेचने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
| 7. | अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों को खराबे में शामिल कर मुआवजा दिया जाए।
| 8. | अन-कमाण्ड क्षेत्रों को कमाण्ड क्षेत्र से जोड़कर पानी उपलब्ध कराया जाए।
| 9. | जल जीवन मिशन के तहत सड़कों पर टूटी पड़ी पाइपलाइनों की मरम्मत की जाए।
किसानों ने एकजुट होकर मांग की कि इन सभी मांगों पर राज्य सरकार तुरंत संज्ञान ले और जल्द से जल्द उनका निराकरण करे। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि समस्याओं का समाधान न होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।